विश्व युवा कौशल दिवस 2026: सीएम योगी बोले- स्किल ही नए भारत की सबसे बड़ी ताकत, यूपी बना देश का मॉडल

UP Government Kaushalam Booklet Launched World Youth Skills Day 2026 Lucknow

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में युवाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय समारोह “कौशल से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सम्मान” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और प्रदेश के स्किल डेवलपमेंट मॉडल को देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

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Kaushalam Booklet Launched
World Youth Skills Day 2026

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने कौशल विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर की। इसके बाद उन्होंने विभाग की विशेष पुस्तिका ‘कौशलम’ का विमोचन किया और कौशल विकास मिशन की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 11 प्रतिभाशाली युवाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल कानून-व्यवस्था और बेहतर बुनियादी ढांचे के लिए ही नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने वाले मॉडल के लिए भी पूरे देश में पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्किल इंडिया” विजन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में प्रभावी तरीके से लागू किया है।

मंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से करीब 12.50 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वहीं वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में मौजूद लगभग 94 लाख MSME इकाइयों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को सीधे उद्योगों में रोजगार मिल सके।

उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने कौशल विकास विभाग का बजट बढ़ाकर 3,310 करोड़ रुपये कर दिया है। वहीं टाटा समूह के साथ 7,000 करोड़ रुपये के CSR समझौते के तहत प्रदेश के 225 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है।

कार्यक्रम में बताया गया कि युवाओं को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इलेक्ट्रिक व्हीकल, 3D प्रिंटिंग, एडवांस CNC, ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के रोजगार आधारित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा ‘ब्लू डॉट’ सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जहां युवा अपना बायोडाटा अपलोड करेंगे और कंपनियां सीधे उनसे संपर्क कर सकेंगी।

सरकार आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, ड्रोन, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भी विशेष कौशल प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट प्रवीण, जीरो पॉवर्टी योजना, कौशल दिशा पोर्टल, कौशल दर्पण, कौशल दृष्टि, कौशल कॉल सेंटर और 24×7 कौशल दोस्त चैटबॉट जैसी डिजिटल पहल भी युवाओं को रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौशल विकास केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने युवाओं से नए कौशल सीखने, आधुनिक तकनीक अपनाने और उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी कौशल राजधानी बनाने में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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